विदेशी पैटर्न पर यूपी में न्यू टाउन शिप डिवेलप होगी। यह टाउनशिप पूरी तरह से अलग होगी। लहराते हरे भरे खतों के बीच आसमान से बातें करता टावर होगा। इसमें रहने वाले लोगों को पलूशन का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। इसे डिजाइन करने से लेकर अलॉटमेंट तक का काम किसी भी वर्तमान अथॉरिटी के हाथों में नहीं होगा। प्रदेश सरकार इसके लिए एक अलग से अथॉरिटी का गठन करने जा रहा है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि जल्द ही न्यू टाउनशिप के नाम से नई अथॉरिटी गठन हो जाएगा।
न्यू टाउनशिप का डिजाइन यूरोपियन देशों के बिल्डिंग बाइलॉज के पैटर्न पर तैयार करने की प्लानिंग है। नए कॉन्सेप्ट को पूरी यूपी के महानगरों में आवास की समस्या को दूर करने में लागू किया जाएगा। यूपी सरकार ने 3 साल पहले रीयल एस्टेट में इंट्रीग्रेटिड और हाईटेक टाउनशिप का कॉन्सेप्ट दिया था। इसके लिए रीयल एस्टेट क्षेत्र की कंपनियों को लाइसेंस प्रदेश सरकार ने जारी किए थे। मगर न्यू टाउन शिप हाईटेक सिटी टाउनशिप से कुछ और आगे होगी।
प्रदेश सरकार ने आगे से नई हाईटेक सिटी और इंटीग्रेटिड सिटी के लिए लाइसेंस जारी करने बंद कर दिए। सरकार अब यूपी में जो न्यू टाउनशिप का कॉन्सेप्ट ला रही है, उसमें कई खूबियां होंगी। इस टाउनशिप की खूबी यह होगी कि वह किसी भी डिस्ट्रिक्ट मुख्यालय सिटी से बाहर डिवेलप होगी। यानी किसी भी डिवेलपमेंट अथॉरिटी की सीमा से बाहर होगा। यहीं कारण है कि इसके लिए ही सरकार को न्यू टाउनशिप के लिए अलग से अथॉरिटी गठन करना जरूरी हो गया है। न्यू टाउनशिप के लिए सरकार प्राइवेट सेक्टर को भागीदार बनाएगी। जीडीए के सीएटीपी सी. पी. गोयल ने भी इसकी पुष्टि की।
Source: Navbharat Times न्यू टाउनशिप: खेतों के बीच होगा आशियाना